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Vikas Sharma

Tragedy

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Vikas Sharma

Tragedy

मेरी उखड़ती साँसों की तकदीर तुम संवर दो

मेरी उखड़ती साँसों की तकदीर तुम संवर दो

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फिल्म :होली आई रे 

गीत : मेरी तमन्नाओं की तक़दीर तुम सँवार दो,

प्यासी है ज़िंदगी और मुझे प्यार दो


मेरी उखड़ती साँसों की तकदीर तुम संवर दो 

उखड़ रही है सांसें और मुझे सांस दो 

 

कुम्भ मेला और चुनाव हुए इस मुश्किल वक़्त में 

इस राजनीती ने डुबोया है हमें ,तुम पार उतार दो  

उखड़ रही है सांसें और मुझे सांस दो


ऑक्सीजन यहाँ थोड़ी सी और मौतें बहुत हैं 

जितनी भी ऑक्सीजन मिले उतनी ही कम है 

इस उखड़ते जीवन को बेड -दवाई ऑक्सीजन से बचा लो 


उखड़ रही है सांसें और मुझे सांस दो 

मेरी उखड़ती साँसों की तकदीर तुम संवर दो 

उखड़ रही है सांसें और मुझे सांस दो।


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