Pushp Lata Sharma
Tragedy
मिटी संवेदना जग की लिखूँ उल्लास मैं कैसे?
सजाकर पुष्प शब्दों में लिखूँ मधुमास मैं कैसे?
दिखे हैवानियत चारों तरफ दुनिया में जब मुझको
नया भारत का ऐसे में लिखूं इतिहास मैं कैसे?
राखी का पर्व ...
सपनों का नीड़ ...
प्यार का मौसम...
उजाले की किरण...
जिन्दगी में फ...
यहाँ भगवान बि...
नारियाँ
फागुन लाया इन...
थोड़ा सुकून
मुहब्बत में स...
चुनाव आए तमाम वादें -दावे और गारंटियां की गईं ! चुनाव आए तमाम वादें -दावे और गारंटियां की गईं !
अब क्यों ? दिखाया तुमने वह 'प्रेम भरा ' लेटर ! अब क्यों ? दिखाया तुमने वह 'प्रेम भरा ' लेटर !
अपनी मां की आत्मा की शांति के लिए मुझसे जो बन पड़ेगा, मैं करूंगा। अपनी मां की आत्मा की शांति के लिए मुझसे जो बन पड़ेगा, मैं करूंगा।
मेरे सपनों का वह सिलसिला, दिन भर की थकन के बाद भी मेरे सपनों का वह सिलसिला, दिन भर की थकन के बाद भी
पहला प्यार कुछ ऐसा था, जो मैंने कभी सोचा ना था। पहला प्यार कुछ ऐसा था, जो मैंने कभी सोचा ना था।
मेरी तो पुरी जिंदगी गमों से भरी पड़ी है मेरी तो पुरी जिंदगी गमों से भरी पड़ी है
नफरत करने से किसी का भला हुआ है..क्या.. नफरत करने से किसी का भला हुआ है..क्या..
जिंदगी की राह में उसे मेरी याद आती नहीं है, जिंदगी की राह में उसे मेरी याद आती नहीं है,
हम क्यु छोड़ देते हैं उन्हे जब उनको हमारी जरुरत होती है। हम क्यु छोड़ देते हैं उन्हे जब उनको हमारी जरुरत होती है।
इस कदर दूर नहीं थे हम तुम.. फिर भी क़िस्मत ने हमें दूर किया।। इस कदर दूर नहीं थे हम तुम.. फिर भी क़िस्मत ने हमें दूर किया।।
पर क्या पता था। ये जिंदगी मुश्किलों से भरी होगी। पर क्या पता था। ये जिंदगी मुश्किलों से भरी होगी।
समय की कीमत अखबार से पूछो, जो सुबह चाय के साथ होता है। समय की कीमत अखबार से पूछो, जो सुबह चाय के साथ होता है।
गुस्से गुस्से से हैं वो लगे, फीके-फीके से हैं वो लगे। गुस्से गुस्से से हैं वो लगे, फीके-फीके से हैं वो लगे।
कहीं हुस्न तो कहीं इश्क़ बदनाम होता है, खेल जिस्मों का अब सरे-आम होता है। कहीं हुस्न तो कहीं इश्क़ बदनाम होता है, खेल जिस्मों का अब सरे-आम होता है।
अजीब है दर्द दिल का, यादों के साथ है उठता। अजीब है दर्द दिल का, यादों के साथ है उठता।
ना किसी के ऊपर कोई उम्मीद है ना है किसी अजनबी का इंतजार। ना किसी के ऊपर कोई उम्मीद है ना है किसी अजनबी का इंतजार।
जो तेरा है, खुद चली आयेगी तेरे पास, जो तेरा है, खुद चली आयेगी तेरे पास,
फिलिस्तीन की हालत देख, जालिमों को खुदा हिदायत दे। फिलिस्तीन की हालत देख, जालिमों को खुदा हिदायत दे।
जिंदगी ......बड़ी बेरहमी से सच दिखाती है कितना भी.... बहलाते रहे खुद को। जिंदगी ......बड़ी बेरहमी से सच दिखाती है कितना भी.... बहलाते रहे खुद को।
युगों युगों सी ये रात हो जाए युगों युगों सी ये रात हो जाए