STORYMIRROR

संजय असवाल "नूतन"

Abstract

4  

संजय असवाल "नूतन"

Abstract

नूतन नव वर्ष

नूतन नव वर्ष

1 min
310


नूतन नव वर्ष शुभ मंगल

खुशियों का संचार हो

रहे स्वस्थ सुखी सभी

आशा हर्ष अपार हो।

कामना करें हम मिल जुल कर

हो विद्या, बुद्धि सुख वृद्धि 

रहें प्रसन्न आनंदमय सभी

चारों ओर हर्षोल्लास हो।।


देश में रहे सुख शांति

विकास की बयार हो

वैमनस्य दुराग्रह कपट हिंसा का

अब ना कोई आधार हो।

आपसी प्रेम सौहार्द की 

खुशबू फैले चारों ओर

मिल जुल कर रहें सभी

समरसता का प्रसार हो।।


विश्व पटल पर छाए परचम

देश की जय जय कार हो

खुशहाली महके चहूँ दिशा

समृद्धि से भरे भंडार हो।

भूखा ना सोए अब कोई

ना किसी पर अत्याचार हो

सबको मिले अवसर बढ़ने का

वर्णित सुंदर ये संसार हो।।

नूतन नव वर्ष शुभ मंगल

खुशियों की सौगात हो 

प्रगति पथ पर बढ़े सभी

एक नई सुबह का आगाज हो।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract