STORYMIRROR

Anjali Singh

Abstract

3  

Anjali Singh

Abstract

ख्याली पुलाव

ख्याली पुलाव

1 min
337

ख़्याल और उसके पुलाव 

बड़े लज़ीज़ होते हैं

और अगर

कोई आकर उसमे

नमक डाल दे तो ?


आजकल ज़िन्दगी भी

कुछ ऐसी ही दिखती हैं.....

किसकी ???? 

सबकी ,


ख्यालों में पुलाव कोई

पकाता है और उसमें नमक

कोई और आकर डाल देता है


फिर 

क्या??

सुलझी जिन्दगी

उलझी जिन्दगी बन जाती है !!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract