STORYMIRROR

Anjali Singh

Abstract

3  

Anjali Singh

Abstract

मेरे लिए

मेरे लिए

1 min
164

मैं तो

छोड़ के आई

घर बार


मैं तो

छोड़ के आई

घर बार


मेरे लिए

हाँ...मेरे लिए


मुझे चाहिए नहीं

तेरा प्यार


मुझे चाहिए नहीं

तेरा प्यार


मैं तो

छोड़ के आई

घर बार


हुआ ऐसा नहीं 

कभी पहली बार


हाँ.. मैं तो 

छोड़ के आई

घर बार


मेरे लिए

हाँ....मेरे लिए 


मुझे करना नहीं

किसी से प्यार

ओ मेरे यार


मेरे लिए

हाँ...मेरे लिए

.....हाँ मेरे लिए


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract