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संजय असवाल "नूतन"

Abstract Inspirational Others

4.5  

संजय असवाल "नूतन"

Abstract Inspirational Others

सब कुछ यहीं रह जाएगा..

सब कुछ यहीं रह जाएगा..

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सब कुछ यहीं रह जाएगा

यह देह और संसार,

पल भर की यह चकाचौंध

पल भर का ये मतलबी प्यार।


ना सोना चांदी संग जाएगा 

ना ऊंचा पद सम्मान,

साथ चलेगा कर्म तुम्हारा

यही बनेगा तेरी पहचान।


आज जो घमंड में डूबा है

कल होगा वो इतिहास,

समय लिखेगा नाम उसी का

जिसने रखा उसपर विश्वास।


दर्द किसी को दिया अगर

दो गुना तू भी पाएगा,

आंसु किसी के पोंछ सका तो

हंसते हुए दुनियां से जाएगा।


नफरत की इस आंधी में

प्रेम की बनो तुम मिसाल,

तूफानों में भी जो मुस्काए

वही करे दुनियां में कमाल ।


जीवन के अंतिम क्षण में जब

थम जाए हर सांस,

चेहरे पर हो संतोष सदा

आंखों में हो पूर्ण विश्वास।


सांसों की यह पूंजी सीमित

हर पल है अमूल्य,

अहंकार छोड़ प्रेम फैला

एक दिन होंगे सब धूल।


सब कुछ यहीं रह जाएगा

सच करो ये स्वीकार,

जो बांटा तुमने वही पाया 

यही जीवन का सार।


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