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Meenakshi Bansal

Comedy

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Meenakshi Bansal

Comedy

नटवरलाल

नटवरलाल

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एक थे मिस्टर नटवरलाल,

सिर पर उनके नहीं थे बाल,

एक दिन पहुंचे नाई के पास,

लिए मन में झूठा विश्वास।।

नाई बोला कहो कैसा है हाल,

आया कटवाने अपने बाल ।

बाल काट कर नाई बोला।

बंद करूं अब अपना झोला।

दे दो मुझको रुपए पचास।।

अब घर जाने की है आस।

नटवरलाल का सिर चकराया ,

नाई को तब बड़ा सुनाया।

बाल काटने के 10 हैं रुपए ,

इतना क्यों मांगे तू मुएं।

नाई ने तब बतलाया राम,

बाल ढूंढने के भी लगेंगे दाम।

सिर पर तेरे बाल नहीं है ,

नाई को क्यों दुखी किए है।

नटवरलाल को समझ ना आया,

 नटवरलाल तब घर को आया।

  


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