STORYMIRROR

Aashish Deshpande

Drama

2  

Aashish Deshpande

Drama

नसीब

नसीब

1 min
740


कहते हैं कि

वक्त से पहले

और नसीब से ज्यादा

किसी को कुछ नहीं मिलता...


अब तक ये सोचता हूँ कि...

तुम मुझे वक्त से पहले मिली या

मेरे नसीब से कुछ ज्यादा


मुझे देने काे खुदा राजी नहीं हुआ..


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Aashish Deshpande

तूफान

तूफान

1 min पढ़ें

लफ्ज़

लफ्ज़

1 min पढ़ें

ताज

ताज

1 min पढ़ें

चाहत

चाहत

1 min पढ़ें

यकीन

यकीन

1 min पढ़ें

होली

होली

1 min पढ़ें

नसीब

नसीब

1 min पढ़ें

आग

आग

1 min पढ़ें

रूह

रूह

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Drama