STORYMIRROR

bhavi tiwari

Romance Tragedy

3  

bhavi tiwari

Romance Tragedy

नज़दीकियां

नज़दीकियां

1 min
159

एक बात कहनी थी तुमसे

इस कदर नज़दीकियां ना बढ़ाओ हमसे

हमारी हर बात को इतना गौर से क्यों सुनते हो

कहीं प्यार हो गया तो दूर ना रह पाएंगे तुमसे

माना सच्चा है रिश्ता हम दोनों के बीच जो है

यह रिश्ता टूट ना जाए तभी दूरी बनाना चाहते हैं तुमसे

कभी तुम याद कर लेना कभी हम याद आ जाएंगे

वक़्त गुजरेगा वक़्त के साथ ही हम भी संभल पाएंगे

देखो कह देते हैं हमारा सच्चा इश्क तुम ही हो

कुछ भी कह दो झूठ तो हम ना कह पाएंगे।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance