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Sayli Kamble

Romance


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Sayli Kamble

Romance


अनकहे जज्बात

अनकहे जज्बात

1 min 171 1 min 171

काश हर जज्बात को लफ्ज मिल जाते

जो दिल की हर बात बयान कर पाते


तो ना वो रातो की नींद को चुराते

और ना ही दिल में यू शोर मचाते


कभी बहने लगते है आँसुओ के साथ

तो कभी निभाते खामोश निगाहों का साथ


डरते है अगर कोई उन्हे समझ ना पाया

या फिर कहीं उनसे कोई रूठ जो गया


आखिर दिल में ही खुद को महफूज पा लिया

अल्फाजो ने भी अपना रूख मोड लिया!


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