Chandra prabha Kumar
Fantasy
निवेदन
स्थिर हो जाओ,
समय रुक जाओ,
ऐसी भी क्या जल्दी है,
ज़रा ठहर सुस्ताने दो।
तुम क्या हो,
क्या मुझे न बताओगे ,
आते हो तो चले क्यों जाते हो ,
क्या मुझे न समझाओगे।
हाइकु
सूरज
चेतना विस्तार
श्रीप्रभु के ...
आ बरसो मेघा
आज रक्षाबन्धन
जन जन का प्या...
अमृत महोत्सव
प्रिय मेरा
ऑंवले का वृक्...
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
आँखें, जब किसी की पानी से भरी हुई परातें बन जाएं... आँखें, जब किसी की पानी से भरी हुई परातें बन जाएं...
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
एक बार चूम लूं तेरे सर को मैं, एहसास दूं तुझे मेरे होने का। एक बार चूम लूं तेरे सर को मैं, एहसास दूं तुझे मेरे होने का।
प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी। प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी।
मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं। मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं।
तन्हा होता हूं तो याद आते हो सांस लेता हूं तो दिल पे छा जाते हो। तन्हा होता हूं तो याद आते हो सांस लेता हूं तो दिल पे छा जाते हो।
जब मछली सी जनता इनके जाल में खुद आकर फंस जाती है जब मछली सी जनता इनके जाल में खुद आकर फंस जाती है
शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में
मेरे प्यार करने का मेरे लिखने का लहज़ा हो तुम मेरे प्यार करने का मेरे लिखने का लहज़ा हो तुम
कविता सिर्फ नदी की कल कल बहती धार नहीं है कविता उन आशंकित नदी के किनारों की व्यथा है कविता सिर्फ नदी की कल कल बहती धार नहीं है कविता उन आशंकित नदी के किनारो...
सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं। सोच सोच में भी अंतर होता है, कुछ अच्छे होते हैं और कुछ बुरे होते हैं।
तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये, तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये,
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ
महानगर में हाउसवाइफ महानगर में हाउसवाइफ
वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी , वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी ...
छोड़ कागज क़लम और दुनियाँ को देख जाने कब तू भी तारीख बन जायेगा छोड़ कागज क़लम और दुनियाँ को देख जाने कब तू भी तारीख बन जायेगा
Cgf Cgf
मोहब्बत के नशे में होता जो चूर उसका दिल फिर रहता नहीं उसका मोहब्बत के नशे में होता जो चूर उसका दिल फिर रहता नहीं उसका