Chandra prabha Kumar
Fantasy
निवेदन
स्थिर हो जाओ,
समय रुक जाओ,
ऐसी भी क्या जल्दी है,
ज़रा ठहर सुस्ताने दो।
तुम क्या हो,
क्या मुझे न बताओगे ,
आते हो तो चले क्यों जाते हो ,
क्या मुझे न समझाओगे।
हाइकु
सूरज
चेतना विस्तार
श्रीप्रभु के ...
आ बरसो मेघा
आज रक्षाबन्धन
जन जन का प्या...
अमृत महोत्सव
प्रिय मेरा
ऑंवले का वृक्...
गागर में सागर भी आज समाया है गागर में सागर भी आज समाया है
बड़ी अजीब सी बरसात हमारे शहर में हो रही थी....! बड़ी अजीब सी बरसात हमारे शहर में हो रही थी....!
हर किसी ने ख्वाबों की एक दुनिया बनाई है, हर किसी ने ख्वाबों की एक दुनिया बनाई है,
अब वो हमराही शायद बेवफ़ा होने लगा। अब वो हमराही शायद बेवफ़ा होने लगा।
बहुत खास होते हैं वह लोग जो दिल और दुआओं में एक साथ बसते हैं।, बहुत खास होते हैं वह लोग जो दिल और दुआओं में एक साथ बसते हैं।,
मैं भेजता हूँ जिसको फूल प्यार का आते उधर से नफ़रत के त्रिशूल है मैं भेजता हूँ जिसको फूल प्यार का आते उधर से नफ़रत के त्रिशूल है
अपनो के आज को बेहतर कर दूं। बस यही ख्वाहिश रखता हूं। अपनो के आज को बेहतर कर दूं। बस यही ख्वाहिश रखता हूं।
मेरे अंतर्मन की दुविधा, फिर सुविधा सी बन जाती है मेरे अंतर्मन की दुविधा, फिर सुविधा सी बन जाती है
हिंदी मुहावरे फिर कैसे गढ़े जाते हवाई किले तो फिर जमीनी रह जाते। हिंदी मुहावरे फिर कैसे गढ़े जाते हवाई किले तो फिर जमीनी रह जाते।
आसान लगता हे बोलना कुछ भी यहाँ... पर बातों को हक़ीक़त बना नहीं सकते... आसान लगता हे बोलना कुछ भी यहाँ... पर बातों को हक़ीक़त बना नहीं सकते...
कागजों पे उतरी लफ्जों कि तस्वीर जैसे शायरी कागजों पे उतरी लफ्जों कि तस्वीर जैसे शायरी
पथिक के पाश बँध कर कविता या छन्द कर पथिक के पाश बँध कर कविता या छन्द कर
बातों में गुजरती थी रातें, दिन लम्हा भी कितने थे प्यारे बातों में गुजरती थी रातें, दिन लम्हा भी कितने थे प्यारे
घर मेरे अभी मत आओ अब कहा जाता नहीं कुदरत का फैला सा कैसा ये जाल है घर मेरे अभी मत आओ अब कहा जाता नहीं कुदरत का फैला सा कैसा ये जाल है
केवल हृदय परिवर्तन करता लालच बला को दूर करता केवल हृदय परिवर्तन करता लालच बला को दूर करता
एक मुठ्ठी आसमान जहां कोई न हो किसी से अनजान एक मुठ्ठी आसमान जहां कोई न हो किसी से अनजान
अब कैसे करूं अलहदा इसकी ख़ुशबू से खुद को अब कैसे करूं अलहदा इसकी ख़ुशबू से खुद को
करे आज़म तारीफें और क्या अब सनम तुम ख़ूबसूरत हो जवां हो। करे आज़म तारीफें और क्या अब सनम तुम ख़ूबसूरत हो जवां हो।
वो करती रही इंतजार की खुशी ...ढोलक की थाप सी वो करती रही इंतजार की खुशी ...ढोलक की थाप सी
इश्क मोहब्बत, दिल की बातें, दिल समझेगा इश्क मोहब्बत, दिल की बातें, दिल समझेगा