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Meera Parihar

Children

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Meera Parihar

Children

नहीं है बस्ती

नहीं है बस्ती

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बच्चो चलें करेंगे मस्ती।

दूर खेतों में नहीं है बस्ती।।


पेड़ आम का भरा आम से।

फुर्सत पाओ स्कूल काम से।।


रस्सी से डालेंगे वहां झूला ।

अरे रमन्ना तू क्यों है फूला।।


घर से सब लाएंगे मुरमुरे।

श्यामा लाना पैक कुरमुरे।।


कौन लाएगा फ्रूटी ,फेंटा ?

मैं बन जाऊंगा तब सेंटा।।


धूप बहुत है चश्मा लाना।

सबको घर बता कर आना।।


झोला भी तो लाना होगा।

भर के घर ले जाना होगा।।


रमन, रमैया चढ़ेंगे ऊपर।

नीचे रहेंगे,मुनी,सिकंदर।।


आहा! कितने मजे आएंगे ।

पके आम जब हम खाएंगे।।


सच में बहुत मज़े आएंगे।

गुलेल से आम गिराएंगे।।


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