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Ishita Gupta

Tragedy

3  

Ishita Gupta

Tragedy

ना रही

ना रही

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 पंख सारे काट डाले 

थम गई उड़ान है 


फूल से कोमल कभी

उसके एहसास है 


खिलखिलाती थी जो कल तक 

आज वह ही तो गुमनाम है 

वह ही तो गुमनाम है।


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