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Sanjay Bhaskar

Drama

4.5  

Sanjay Bhaskar

Drama

मुसीबत के सिवा कुछ भी नहीं !

मुसीबत के सिवा कुछ भी नहीं !

1 min
586


जिंदगी तो एक मुसीबत है 

मुसीबत के सिवा कुछ भी नहीं !


पत्थरो तुम्हे क्यूँ पूजूं 

तुमसे भी तो मिला कुछ भी नहीं !!


रोया तो बहुत हूँ आज तक 

अब भी रोता हूँ नया कुछ भी नहीं !


चाहा तो बहुत कुछ था मैंने 

कोशिश की पर कर न सका कुछ भी नहीं !


प्रेम है तो सब के अन्दर 

पर इस दुनिया में प्रेम से बुरा कुछ भी नहीं !


ये दौर है आज कलयुग का 

जिसमे धोखा फरेब के सिवा कुछ भी नहीं !


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