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बारिश की वह बूँद

बारिश की वह बूँद

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बारिश की वह बूँद

जो मेरे कमरे की खिड़की के शीशे पर

फिसल रही थी

जिसे मैं घंटो से निहार रहा था

उसे देख बस मन में

एक ही ख्याल आ रहा था

जो बूँद इस

शीशे को भीगा

रही है

वैसे ही काश

भीगा जाए मेरा मन ....!!!




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