STORYMIRROR

बारिश की वह बूँद

बारिश की वह बूँद

1 min
299


बारिश की वह बूँद

जो मेरे कमरे की खिड़की के शीशे पर

फिसल रही थी

जिसे मैं घंटो से निहार रहा था

उसे देख बस मन में

एक ही ख्याल आ रहा था

जो बूँद इस

शीशे को भीगा

रही है

वैसे ही काश

भीगा जाए मेरा मन ....!!!




Rate this content
Log in