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Neerja Sharma

Action Fantasy


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Neerja Sharma

Action Fantasy


मुसाफिर

मुसाफिर

1 min 128 1 min 128

मैं 

एक राही

एक पथिक

एक यात्री

एक मुसाफिर

चला अपनी राह।


न मंजिल का पता

न कोई ठिकाना

बस राह पकड़

चलता ही चला।


हर राही से बतिया

अपना कुछ कहा

उसका कुछ सुना

बस यूँ ही .....

मस्तमौला सा

अनजान राह का

राही बन बस .....

अपनी धुन में चले चला।


मैं एक राही 

मैं एक यात्री 

मैं एक मुसाफिर

चलता चला

बस चलता रहा...



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