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Neerja Sharma

Action Fantasy

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Neerja Sharma

Action Fantasy

मुसाफिर

मुसाफिर

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मैं 

एक राही

एक पथिक

एक यात्री

एक मुसाफिर

चला अपनी राह।


न मंजिल का पता

न कोई ठिकाना

बस राह पकड़

चलता ही चला।


हर राही से बतिया

अपना कुछ कहा

उसका कुछ सुना

बस यूँ ही .....

मस्तमौला सा

अनजान राह का

राही बन बस .....

अपनी धुन में चले चला।


मैं एक राही 

मैं एक यात्री 

मैं एक मुसाफिर

चलता चला

बस चलता रहा...



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