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दिनेश कुशभुवनपुरी

Abstract

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दिनेश कुशभुवनपुरी

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मुक्तक- मौन

मुक्तक- मौन

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मौन से मौन ने मौन में कुछ कहे।

मौन के दर्द को मौन होकर सहे।

मौन मनमानियां मौन की जिंदगी।

मौन की आँख से मौन आँसू बहे॥



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