STORYMIRROR

दिनेश कुशभुवनपुरी

Action

4  

दिनेश कुशभुवनपुरी

Action

आतंकी

आतंकी

1 min
668

लड़ाई चल रही चहुँओर घूमें अब निरंकुश जन।

बढ़ी नफरत जमाने में हुआ कलुषित मनुज का मन॥


सकल संसार में अपना अनूठा देश है भारत।

मगर आतंकियों ने कर रखा है शांति का भेदन॥


फसादी कर रहे दंगा जलाकर देश को मेरे।

कहूँ कैसे उन्हें अपना हृदय जिनका नहीं पावन॥ 


कहीं कामी कहीं वामी अजब दल साथ देते हैं।

फसादी सिर उठाते तब करे जब द्रोह गठबंधन॥


किये तोड़ा किये फोड़ी किये नुकसान घुसपैठी।

कड़ाई जब हुई उन पर लगे करने सभी क्रंदन॥


रहे घुसपैठियों  के  साथ  हिंदुस्तान में जो अब।

समय नजदीक है आया कि नागों का कुचल दें फन॥


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action