akhilesh kumar
Classics
मुझे पता है
मेरी चीखें
घुट जाएंगी
दस गुणा दस के
कमरे में... हमेशा के लिए
क्या तुम्हें पता है
ये दीवारें
इक दिन हथियार बन कर
लड़ेंगी.. दिन और रात से
तुम्हारे लिए।
तजुर्बे से सम...
जनता
नपुंसक
चौराहे सूनसान...
कोई शहर
पगडंडी
अमेरिका
लड़कियां
नदियों में
अष्टमी के दिन जन्म तुम्हारा कहलाती है जन्माष्टमी सच्चे मन से भक्ति करे जो हर लेते तु अष्टमी के दिन जन्म तुम्हारा कहलाती है जन्माष्टमी सच्चे मन से भक्ति करे जो ...
और लोग समझते हैं , हम हमेशा से ही रौशनियाँ लपेटे हैं। और लोग समझते हैं , हम हमेशा से ही रौशनियाँ लपेटे हैं।
और जो ना कर सके अदा तो सज़ा भी लाजवाब होती है। और जो ना कर सके अदा तो सज़ा भी लाजवाब होती है।
कि आखिर पुल कहां से टूटा है, और इसे कैसे जोड़ा जाएगा। कि आखिर पुल कहां से टूटा है, और इसे कैसे जोड़ा जाएगा।
बेजोड़ रहे रिश्ता अपना, तेरे प्यार का इतिहास मैं बन जाऊँ। बेजोड़ रहे रिश्ता अपना, तेरे प्यार का इतिहास मैं बन जाऊँ।
जो साथ चले थे जाने कब अपनी- अपनी राह कहाँ निकल गए ! जो साथ चले थे जाने कब अपनी- अपनी राह कहाँ निकल गए !
प्लीज़, फिर ना कहना कि एक है दुनिया। प्लीज़, फिर ना कहना कि एक है दुनिया।
बृज का हर वासी अपनी सुधबुध खो जाता है। बृज का हर वासी अपनी सुधबुध खो जाता है।
अपने पास बुलाये जब खुद हाथ पकड़ ले चलना तू मोह मुझे सताये तब। अपने पास बुलाये जब खुद हाथ पकड़ ले चलना तू मोह मुझे सताये तब।
जा तुझे ख्वाहिशों का नूर अता हो 'अस्मित' इश्क के हिस्से में बस ज़ह्र लुटाने वाले। जा तुझे ख्वाहिशों का नूर अता हो 'अस्मित' इश्क के हिस्से में बस ज़ह्र लुटाने वा...
जल्दी जाने की एक फ्रिक में टाइम की प्रक्रिया में बस अन्त हुआ। जल्दी जाने की एक फ्रिक में टाइम की प्रक्रिया में बस अन्त हुआ।
यही एक रोटी की महिमा है ये वोही जनता है जो उसे मेहनत से कमाता है। यही एक रोटी की महिमा है ये वोही जनता है जो उसे मेहनत से कमाता है।
मन को मोहित करती किलकारी, जै जै जै मधुसूदन बनवारी। मन को मोहित करती किलकारी, जै जै जै मधुसूदन बनवारी।
सीखकर कुछ बात उनसे राह जीवन में बनानी है। सीखकर कुछ बात उनसे राह जीवन में बनानी है।
कान्हा पधारे जसोदा-नंद के अँगना गोकुल में बजी बधाई है... कान्हा पधारे जसोदा-नंद के अँगना गोकुल में बजी बधाई है...
आखरी बार तेरे द्वार पर मां मैं ओढ़ तिरंगा आऊंगा। आखरी बार तेरे द्वार पर मां मैं ओढ़ तिरंगा आऊंगा।
आ गया भाई-बहन के अटूट संबंधों का सुमधुर त्यौहार। आ गया भाई-बहन के अटूट संबंधों का सुमधुर त्यौहार।
महान पुरुष तो हुए बहुत से, पर, मर्यादित उनके जैसा नहीं। महान पुरुष तो हुए बहुत से, पर, मर्यादित उनके जैसा नहीं।
जन्म अष्टमी आयो मधु बेला घर पधारो संग सखा बाला।। जन्म अष्टमी आयो मधु बेला घर पधारो संग सखा बाला।।
नव भारत का निर्माण करें "आजादी" का हम मान रखें। नव भारत का निर्माण करें "आजादी" का हम मान रखें।