End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!
End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!

akshata alias shubhada Tirodkar

Classics


4  

akshata alias shubhada Tirodkar

Classics


सॅल्यूट इंडियन आर्मी

सॅल्यूट इंडियन आर्मी

1 min 33 1 min 33

ना वो कभी थके ना अपनी हिम्मत हारे 

घर दार झोडकर वो तैयार है 

अपनी भारत माता का रक्षण करने 

दिन रात झेलते हैं वो अपने सीने पर गोलियाँ 


अपनों की यादो में कटती हैं

उनकी जीवन की गालियाँ 

कभी शहीद हो कर अपने देते हैं

अपने प्राणों की आहुती 


तो कभी ढेर कर दुश्मनों को 

उत्साह से मनाते हें अपनी जीत की खुशी 

उनके भरोसे ही हम निसंकोच जी रहे हैं 

वो हमारे लिए अपना एक एक

पल जोखिम में डाल रहे हैं 


चाहे आये आंधी या तूफ़ान

वो कभी नहीं डगमगायें 

साबित किया हैं उन्होंने कि

भारत के जवान ताकतवर हैं 


शब्द भी कम पड़ जायेगे

बोलने उनके बारे में 

हमारी आन बान शान तो

हमारी इंडियन आर्मी हैं 

गर्व से हाथ उठते हैं उन्हें सॅल्यूट करने।


Rate this content
Log in

More hindi poem from akshata alias shubhada Tirodkar

Similar hindi poem from Classics