akhilesh kumar
Thriller
चौराहे सूनसान हैं
फांसी पर चढ़ा दो
मेरी आवाज
जैसे पाश
मरने के बाद जिन्दा हैं
नागार्जुन
केदारनाथ
मैं भी जिन्दा रहूंगा
कुछ लोग
मरने के बाद भी
जिन्दा रहते
जम्हूरियत के लिए
लड़ने के वास्ते।
तजुर्बे से सम...
जनता
नपुंसक
चौराहे सूनसान...
कोई शहर
मुझे पता है
पगडंडी
अमेरिका
लड़कियां
नदियों में
ए सखी मेरी ! निःशब्द हूँ कैसे तारीफ़ करूँ- जानो, जैसे विरहिणी को वो ईश्वर दर देता है। ए सखी मेरी ! निःशब्द हूँ कैसे तारीफ़ करूँ- जानो, जैसे विरहिणी को वो ईश्वर दर ...
जी भरकर जी लो ये जिंदगी पता नहीं चलता, कब चलती हुई साँसें रूक जाये। जी भरकर जी लो ये जिंदगी पता नहीं चलता, कब चलती हुई साँसें रूक जाये।
हम सावधानी बरते, वरना हमारी लापरवाही उसे फिर से आने का निमंत्रण दे सकता है ! हम सावधानी बरते, वरना हमारी लापरवाही उसे फिर से आने का निमंत्रण दे सकता है !
कोई भी बातें हो जिंदगी में, बस उससे ही कहता रहूं। कोई भी बातें हो जिंदगी में, बस उससे ही कहता रहूं।
जो हरिश्चन्द्र के ह्रदय से निकली वाणी, वो हिन्दी बनकर आई। जो हरिश्चन्द्र के ह्रदय से निकली वाणी, वो हिन्दी बनकर आई।
बुलंद हो चुके हौंसले भी, विकास कार्यों में भी होड़ मची। बुलंद हो चुके हौंसले भी, विकास कार्यों में भी होड़ मची।
रंग-रुप मौसम बदले, पल में बादल-धूप।। रंग-रुप मौसम बदले, पल में बादल-धूप।।
नहीं जो उड़ सका उसको भी सब परवाज़ बोलेंगे। नहीं जो उड़ सका उसको भी सब परवाज़ बोलेंगे।
चढ़ता चला गया हिमालय, दुश्मन भी घबराया था, चढ़ता चला गया हिमालय, दुश्मन भी घबराया था,
और हम पूरी तरह आज़ाद कभी नहीं कहलाएँगे। और हम पूरी तरह आज़ाद कभी नहीं कहलाएँगे।
संग मत ढूंढो तन्हा दौड़ो 'आईना' खो पाना क्या है। संग मत ढूंढो तन्हा दौड़ो 'आईना' खो पाना क्या है।
यक़ीन मानिये एक दिन बदलेगा ये संसार। यक़ीन मानिये एक दिन बदलेगा ये संसार।
तुम जो ठहरीं मां मेरी भारती मां मेरी भारती। तुम जो ठहरीं मां मेरी भारती मां मेरी भारती।
इस पुण्यधरा पर लें जन्म बारम्बार,यही अरमान हमारा है। इस पुण्यधरा पर लें जन्म बारम्बार,यही अरमान हमारा है।
उजाला बनकर रहना मेरे जीवन में, सुबह हो या शाम।। उजाला बनकर रहना मेरे जीवन में, सुबह हो या शाम।।
आपाधापी के दौर में रिश्तों की मिठास को चखने वाला बचपन पीछे छूट गया. आपाधापी के दौर में रिश्तों की मिठास को चखने वाला बचपन पीछे छूट गया.
तेरे आत्मसम्मान बीच जो आए उसे पड़ जाए मरना.. तेरे आत्मसम्मान बीच जो आए उसे पड़ जाए मरना..
सब हृदय के कान्हा वासी कृष्ण प्रेम में हुए सन्यासी.. सब हृदय के कान्हा वासी कृष्ण प्रेम में हुए सन्यासी..
इक सामान्य से इंसान को देवता वो बनाती है। इक सामान्य से इंसान को देवता वो बनाती है।
देख जिसमें सकूँ मैं सनम आपको चाहते नैन जो आइना दे मुझे.. देख जिसमें सकूँ मैं सनम आपको चाहते नैन जो आइना दे मुझे..