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LALIT MOHAN DASH

Inspirational Thriller

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LALIT MOHAN DASH

Inspirational Thriller

अलविदा दिसंबर

अलविदा दिसंबर

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खट्टी मीठी यादों के साथ अलविदा दिसंबर,

जाते जाते आने वाले से कह जाना,

कि हर तरफ खुशहाली के रंग भरना,

कोई न रहे मायूस, कोई भूखा न रहने देना

मजबूर जिंदगियों में खुशियां भरना,

जो उतार चढ़ाव से गुजरे है, बीते दिन,

आने वाले दिनों में सिर्फ हर्ष उल्लास देना।

नए के स्वागत के साथ तुझे विदा कर रहे है,

हां! आने वाले का स्वागत हर्षोल्लास से कर रहे है,

तुझे भी हंस कर विदा कर रहे है,

फिर मुलाकात तो होगी, तुझ से दिसंबर ,

बदली हुई तारीख और बदले हुए रूप में,

फिर विदा करेंगे , नए का स्वागत करेंगे,

यही क्रम निरंतर चलता रहेगा,

हर साल जिंदगी का पन्ना पलटता रहेगा।

सर्द मौसम जानलेवा है,

मजबूर जिंदगियों की मुसीबत बढ़ा रहा है,

फिर भी तेरी विदाई का चर्चा हर जगह हो रहा है,

हर तरफ नए के स्वागत का उत्साह भरा है,

बीते हुए हर दिन को संभाल के रखा है,

यादों के पिटारे में बंद कर रखा है,

तुझे विदा कर रहा हूँ, दिसंबर, अलविदा नहीं,

बदली हुई तारीख में तुझ से मुलाकात जो करना है।



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