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Mukesh Tihal

Tragedy

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Mukesh Tihal

Tragedy

मतलबी शिक्षक

मतलबी शिक्षक

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जो दिये की तरह जल 

जग को रोशन करते 

अपने सपनों को त्याग 

औरों को लक्ष्य दिलाते 

मुश्किलों से जो नहीं हारे 

तूफ़ां से भी है लड़ जाते 

आज बदलते दौर के साथ 

ये भी बदलने है लग जाते 

त्याग - तपस्या को छोड़ कर 

आसान राह को ये अपनाते 

मतलबी शिक्षक का बाना पहन 

खुद की पहचान को है मिटाते।


पुराने समय में इनके नाम से 

छात्रों की साँसे थी थम जाती 

जुबाँ नहीं निकलती थी उनकी 

ये हर बात पर थी अटक जाती 

हर जगह होता था इनका मान 

हर घर में होता था बड़ा सम्मान 

विद्यालय में इनके पैरों की धमक से 

हर जगह सन्नाटा था पसर जाता 

क्या मज़ाल कोई आहट भी हो 

हर समाँ था वहाँ रुक सा जाता 

क्यों इन्होनें अपने को इतना बदल 

मतलबी शिक्षक का ख़िताब लिया।


अब मैं असली कहानी समझाता हूँ 

घर - घर की कठोर सच्चाई बताता हूँ

आज के बच्चे माँ - बाप के लाडले बने 

सयुंक्त परिवार जो सभी मुक्त हुऐ 

बच्चों के प्यार में अभिभावक अकड़कर 

बिन - बातों पर इन पर डाँट है लगाते 

विद्यालय ने भी रिजल्ट के नाम पर 

लगा दिया इन पर कड़ा पहरा  

चारों तरफ से पड़ी भारी मार है 

कानून से लेकर देश की शिक्षानिति 

आज के दौर में बीमार व जिम्मेदार है 

इसलिये इन्होनें खुद को बदल लिया 

सच में मतलबी शिक्षक को चौला पहन लिया।


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