STORYMIRROR

Rajit ram Ranjan

Romance

3  

Rajit ram Ranjan

Romance

मोहब्बत में हर शर्त मंजूर हैं

मोहब्बत में हर शर्त मंजूर हैं

1 min
169

कुछ तो लगाव था आपसे, 

बेवजह तो आँखें 

आँसू नहीं 

बहाती, 


कितना भी भूलना 

चाहता हूँ, 

याद हैं कि दिल से ही 

नहीं जाती, 


नफ़रत भी मोहब्बत भी 

दोनों करना 

चाहता हूँ आपसे, 

कभी -कभी 

आपकी नफ़रत में 

मोहब्बत नजर आती हैं, 


और कभी मोहब्बत 

में नफ़रत, 

हर शर्त मंजूर हैं, 


जानती हो 

क्यूँ, क्योंकि 

किसी भी हालात में 

मैं आपको 

खोना नहीं चाहता हूँ, 


आपका होना 

चाहता हूँ, 

आपके ना होने से 

महफ़िलो में भी 

खुद को

तन्हा पाता हूँ,

 

मायूसी छा जाती हैं 

चेहरे पर 

सपनों में ज़ब 

आपसे बिछड़ने की 

रुत आती हैं !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance