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Dr.Padmini Kumar

Classics

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Dr.Padmini Kumar

Classics

मेरी मां

मेरी मां

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कितने बजे उड़तीं हैं, मैं नहीं जानती

 क्या-क्या करतीं हैं, मैं नहीं जानती

 कैसा खाना खातीं हैं, मैं नहीं जानती 

कब सो जातीं हैं, मैं नहीं जानती


 बाप से प्यार करतीं हैं,मैं नहीं जानती

 आराम कब लेतीं हैं, मैं नहीं जानती

 किन से दोस्ती करतीं हैं, मैं नहीं जानती

 घर से बाहर कहीं भी नहीं जाती 


कभी भी अकेली कभी नहीं जाती

 किसी से मुंह फेर लेते नहीं जाती।

 मेरी मां...कब हूं मैं उठती, जानतीं हैं मेरी मां।

क्या पोशाक मैं हूं पहनती, जानतीं हैं मेरी मां।


रुचि से क्या मैं हूं खाती, जानतीं हैं मेरी मां।

स्कूल में कैसे मैं हूं पढ़ती, जानतीं हैं मेरी मां।

सिनेमा देखने मैं हूं जाती, जानती हैं मेरी मां।

साथियों से मैं हूं खेलती, जानतीं हैं मेरी मां।


 शादी होने पर ससुराल मैं हूं जाती, जानतीं हैं मेरी मां।

 बच्चे होने पर खुशी मैं हूं करती, जानतीं हैं मेरी मां।

 अब समझा मैं हूं करती, कैसे सब जानतीं हैं मेरी मां।


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