RAVI SHEKHAR
Romance
चाहकर भी ना चाह सके तुमको
पाकर भी ना कभी पा सके तुमको,
हसरत आज भी अधूरी है मेरी
कहानी आज भी अधूरी है मेरी
अपनी किस्मत में ना लिख सके तुमको
आँखें आज भी वही चेहरा खोजती है
जिसे कभी अपना ना बना सके हम
कलम टूट गई
रंग फीका पड़ ग...
मेरा देश
मेरी चाह
आज फिर होली ह...
तेरा साथ
पल
वो लम्हा
मत अपनाना
कामयाबी
नहीं इलाज मर्ज़-ए-इश्क़ का किसी दवाई में। नहीं इलाज मर्ज़-ए-इश्क़ का किसी दवाई में।
किसी भी मोड़ पर तुमसे ना टकराकर, यह एहसास हो जाता है। किसी भी मोड़ पर तुमसे ना टकराकर, यह एहसास हो जाता है।
बात थोड़ी सी तो कर ले मुझसे, क्यों इतनी नाराज है। बात थोड़ी सी तो कर ले मुझसे, क्यों इतनी नाराज है।
तमन्नाओ का जहाँ सिमटा.. तुम कभी मिलने आ जाओ... तमन्नाओ का जहाँ सिमटा.. तुम कभी मिलने आ जाओ...
कुछ रिश्तों का बेनाम होना ही अच्छा होता है। कुछ रिश्तों का बेनाम होना ही अच्छा होता है।
खुद ही कैद हो जो वो पक्षी बने कैसे, नयनों में पले ख्वाबों को मिटाये हैं। खुद ही कैद हो जो वो पक्षी बने कैसे, नयनों में पले ख्वाबों को मिटाये हैं।
जब इस जहां में सुबह का आगाज हो, तेरा हाथ मेरे हाथ के साथ हो। जब इस जहां में सुबह का आगाज हो, तेरा हाथ मेरे हाथ के साथ हो।
शुरू तुझसे मिरी तहरीर, तुझ पे ख़त्म होती हैं, तिरे नाम 'ज़ोया' के ये सारे क़लाम कर देंगे। शुरू तुझसे मिरी तहरीर, तुझ पे ख़त्म होती हैं, तिरे नाम 'ज़ोया' के ये सारे क़लाम ...
मैं जो रूठूँ तो मुझे कैसे मनाओगे, सामने आओ जब तुम। मैं जो रूठूँ तो मुझे कैसे मनाओगे, सामने आओ जब तुम।
हमारी प्यारी प्रेम कहानी अभी भी मेरे दिल में है, सुंदरता और पंखों से भरी हुई है। हमारी प्यारी प्रेम कहानी अभी भी मेरे दिल में है, सुंदरता और पंखों से भरी हुई...
अच्छा लगता है बिन कहे कोई साथ दे जाता है । अच्छा लगता है बिन कहे कोई साथ दे जाता है ।
सावन मे बरसे है वर्षा की देखो फुहार। सावन मे बरसे है वर्षा की देखो फुहार।
तेरा तिलिस्म टूट गया देख जिंदगी, इस मौत का उसूल ही मुझपर ख़रा नहीं। तेरा तिलिस्म टूट गया देख जिंदगी, इस मौत का उसूल ही मुझपर ख़रा नहीं।
मेरे इश्क की कोई ज़ात नहीं, तुम इसे पैगामें इबादत समझो। मेरे इश्क की कोई ज़ात नहीं, तुम इसे पैगामें इबादत समझो।
सुनो, लौट आना तुम जैसे लौट आता है सूर्य। सुनो, लौट आना तुम जैसे लौट आता है सूर्य।
बारिश सी ठंढक, यादों की हिलोरे देता गया बड़ा बेसकीमती था वो सुर्ख गुलाब। बारिश सी ठंढक, यादों की हिलोरे देता गया बड़ा बेसकीमती था वो सुर्ख गुलाब।
बदले हुए ये मौसम की हर फ़ज़ा में तुम हो। बदले हुए ये मौसम की हर फ़ज़ा में तुम हो।
आसमां में दूर तलक तेरे इश्क में.... मैं पतंग सी फिरती हूं आसमां में दूर तलक तेरे इश्क में.... मैं पतंग सी फिरती हूं
भीगे परिंदे करते कलरव,प्रकृति को नए सुर मिल गए। अकुलाई धरती को जब,काले बादल मिल गए। भीगे परिंदे करते कलरव,प्रकृति को नए सुर मिल गए। अकुलाई धरती को जब,काले बादल म...
वो भीगा सा सुंदर सावन याद आता है ! वो बूंदों का स्पर्श का मनभावन याद आता है !! वो भीगा सा सुंदर सावन याद आता है ! वो बूंदों का स्पर्श का मनभावन याद आता है !...