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RAVI SHEKHAR

Romance

3  

RAVI SHEKHAR

Romance

मेरी चाह

मेरी चाह

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चाहकर भी ना चाह सके तुमको

पाकर भी ना कभी पा सके तुमको,

हसरत आज भी अधूरी है मेरी

कहानी आज  भी अधूरी है मेरी

अपनी किस्मत में ना लिख सके तुमको

चाहकर भी ना चाह सके तुमको

आँखें आज भी वही चेहरा खोजती है

जिसे कभी अपना ना बना सके हम



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