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Dr Lalit Upadhyaya

Drama

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Dr Lalit Upadhyaya

Drama

मेरी आत्मा जिन्दा है

मेरी आत्मा जिन्दा है

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मैं मरी हूँ

मेरी आत्मा जिन्दा है,


लोग अब भी मेरी

सूरत पर फिदा है।


दूर हो गए लेकिन

कहाँ हम जुदा है,


आत्मा मेरी, पिंजरे में

बंद परिंदा है।


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