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ashok kumar bhatnagar

Tragedy Classics Thriller

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ashok kumar bhatnagar

Tragedy Classics Thriller

मेरे मरने का गम

मेरे मरने का गम

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तुम तसल्ली ना दो सिर्फ बैठे रहो , 

बक्त मेरे मरने का आ ही जाएगा ।

बस कुछ समय की बात हैं 

मेरे मरने का गम तुम्हारे दिल से निकल जाएगा ।


 बैठे रहो दिल की गहराईयों में,

बक्त आएगा, तुम्हारे लिए  नया सबेरा लेकर।

समय की धूप में, हंसते रहो साथी,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से बहार आएगा।


बस कुछ समय की बात है, रातें थोड़ी सी अजीब,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से खो जाएगा।

बैठे रहो नहीं, इस राज़ की कहानी में,

बक्त आएगा, तुम्हारे साथ एक नए सफर में।


समय की धूप में, हंसते रहो तुम साथी,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से बहार निकलेगा।

बस कुछ समय की बात है, रातें थोड़ी बेरहम,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल की गहराइयों से बह जाएगा।


समय की धूप में, हंसो मेरे साथ,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से बहार आएगा।

बस कुछ समय की बात है, रातें थोड़ी सी अजीब,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से समाप्त हो जाएगा।


जीवन की राह में थोड़ा वक्त है,

तुम तसल्ली ना दो, रातें हैं कातिल।

बैठे रहो, बिना खोये ख्वाबों में,

मेरे मरने का, तुम्हारे साथ है।


बस कुछ समय की बात है, एक छोटी सी रात,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से हटेगा।

घूप में होगा सवेरा, नए सपने होंगे आगे,

जिन्दगी का सफर तुम्हारा चलेगा मेरे बिना ।


धूप में सिर्फ बैठे रहो, न थको तुम,

बक्त मेरे मरने का, आएगा बस एक दिन।

समय की बात है, रुका नहीं जाता,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से गुजर जाएगा।


चलो साथ बनाएं ये आखिरी पलों की कहानी,

मोहब्बत का सफर है, तुम्हारे साथ साथ।

बैठे रहो तुम, सुनो ये सोच जरा,

बक्त आएगा, हम ही नए होँगे पर तुम ना होगे अकेले।


तुम तसल्ली ना दो सिर्फ बैठे रहो , 

बक्त मेरे मरने का आ ही जाएगा 

बस कुछ समय की बात हैं 

मेरे मरने का गम तुम्हारे दिल से निकल जाएगा 


बैठे रहो नहीं, मेरे दिल का साथ दो,

बक्त आएगा, हर दर्द को बहार दो।

समय की धूप में, चमको तुम साथी,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से मिटेगा।


बस कुछ समय की बात है, रातें थोड़ी बेरहम,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे संग सहारा है।

बैठे नहीं रहो, ये ज़िंदगी की बात है,

बक्त आएगा, सब कुछ नया होगा, ।


समय की धूप में, चलो साथी बनें,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल से बहार निकलेगा।

बस कुछ समय की बात है, एक नई शुरुआत का इंतजार है,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे दिल को सहारा देगा।


बैठे रहो नहीं, इस राह में बदलाव की हवा,

बक्त आएगा, मेरे जीने का सफर है यहाँ।

समय की धूप में, बने रहो साथी,

मेरे मरने का आलम, तुम्हारे दिल में होगा छुपा।


बस कुछ समय की बात है, पर समर्थन से भरा,

मेरे मरने का गम, तुम्हारे साथ एक नया आरंभ करेगा।

बैठे रहो नहीं, साथी बनो सफर का,

बक्त आएगा, पर इंतजार मत करो तुम।


समय की धूप में, मिलो रौंगतों से,

मेरे मरने का आगाज़, तुम्हारे इरादों से होगा।

बस कुछ समय की बात है, रातें ज़रा संगीन,

मेरे मरने का आलम, तुम्हारे साथ नया सफर शुरू होगा।


समय की धूप में, हंसते रहो ज़िंदगी से,

मेरे मरने का आगाज़, एक नए सफर का है आरंभ।

बस कुछ समय की बात है, रातें थोड़ी सी खामोश,

मेरे मरने का आलम, तुम्हारे साथ संगीत बनेगा।


तुम तसल्ली ना दो सिर्फ बैठे रहो , 

बक्त मेरे मरने का आ ही जाएगा ।

बस कुछ समय की बात हैं 

मेरे मरने का गम तुम्हारे दिल से निकल जाएगा।


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