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Kawaljeet GILL

Abstract Inspirational

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Kawaljeet GILL

Abstract Inspirational

मेरे ही साथ क्यों..

मेरे ही साथ क्यों..

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होता है हर किसी के साथ कुछ ना कुछ ओ बन्दे

ना कर चिंता की केवल तेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ

हर कोई ये ही सोचते सोचते जिंदगी गुजार रहा,

दुःख तो सबको मिलते है इस जहाँ में,


ना हो परेशान तू अपनो ही गमों से,

घर से बाहर निकल कर तो देख हर कोई

दुःखी यहाँ जग में,

बैठे बैठे चार दीवारों में ना तू मन भटका,

जीवन अपना ना बेकार की सोचो में बर्बाद कर,

कुछ काम नेक कर लोगों का मन तू जीत ले,


जीवन मिला अनमोल है बार बार नहीं मिलता,

जाने कब प्राण पखेरू उड़ जाए,

कौन सा पल हो आखरी पता नहीं,

रो रोकर ना गुजार इसको थोड़ा हँस ले थोड़ा हँसा ले,

हर कोई याद करें तुझे तेरे किये कर्मों से।


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