Dr. Anu Somayajula
Abstract
राहों में खो जाने पर
खेलों में लग जाने पर
रानी परी हाथ थामती है।
निंदिया के ना आने पर
सोते में डर जाने पर
मां की यादों में खोने पर
उदास मन के रोने पर
नदी की व्यथा
किताबें
जिस पर हम वार...
पैसा उग पाता ...
पैसों का पेड़
कीमियागर
कट्टी - बट्टी...
जीवन का गणित ...
चांद और ज़िंद...
दहलीज़
जीवन का सफर लंबा है, अतः यह पंक्तियां सदा आपका साथ निभाती रहेंगी... जीवन का सफर लंबा है, अतः यह पंक्तियां सदा आपका साथ निभाती रहेंगी...
माँ तेरा यह निश्छल प्यार किरणों सी चमक देती है। माँ तेरा यह निश्छल प्यार किरणों सी चमक देती है।
समय का पहिया घूमकर वापिस उसी जगह पर लौटकर आता है। समय का पहिया घूमकर वापिस उसी जगह पर लौटकर आता है।
जाने के बाद बेटी के, वो चुप चाप रोया था। जाने के बाद बेटी के, वो चुप चाप रोया था।
ताकि पहुँच सके वह लक्ष्य तक अपने जो है अन्त में स्वयं प्रेम ही… ताकि पहुँच सके वह लक्ष्य तक अपने जो है अन्त में स्वयं प्रेम ही…
निराशा कभी किसी को हाथ नहीं लगेगी। निराशा कभी किसी को हाथ नहीं लगेगी।
एक बदले की भावना या जैसे को तैसा जैसी मानसिकता कभी भी किसी भी समस्या से निजात नहीं है.. एक बदले की भावना या जैसे को तैसा जैसी मानसिकता कभी भी किसी भी समस्या से निजात नह...
अपने मूल को खोकर बस दिखावा मात्र ना बन जाए। अपने मूल को खोकर बस दिखावा मात्र ना बन जाए।
वो भी खाली हाथ यही है रिश्तों का संपूर्ण यथार्थ। वो भी खाली हाथ यही है रिश्तों का संपूर्ण यथार्थ।
एक बात को कहने में क्यूं, इतना भेद हमारा। एक बात को कहने में क्यूं, इतना भेद हमारा।
अपनी औलादों के लिए आज हम ही आधुनिकता की नई नजीर पेश कर रहे हैं। अपनी औलादों के लिए आज हम ही आधुनिकता की नई नजीर पेश कर रहे हैं।
काश ! तुम भी अपने लिए थोड़ी खुदगर्ज़ हो पाती, माँ... काश ! तुम भी अपने लिए थोड़ी खुदगर्ज़ हो पाती, माँ...
जलवायु के अनुरूप सजता है प्रकृति, यहां हर नजारा है एक नया अपनारा। जलवायु के अनुरूप सजता है प्रकृति, यहां हर नजारा है एक नया अपनारा।
इस बार हम दोनों स्टेडियम में चल कर इंडिया का मैच देखेंगे क्योंकि असली मजा तो स्टेडियम में इस बार हम दोनों स्टेडियम में चल कर इंडिया का मैच देखेंगे क्योंकि असली मजा तो स्ट...
मानव सभ्यता वे वे, उर्वरता से ही फलित हो रही है।। मानव सभ्यता वे वे, उर्वरता से ही फलित हो रही है।।
जीवन साथी मेरा भी हो कोई ऐसा जो मुझको आखिर समझेगा, जीवन साथी मेरा भी हो कोई ऐसा जो मुझको आखिर समझेगा,
प्यार पाने या इज्जत के लायक वही है कोई दूसरा नहीं। प्यार पाने या इज्जत के लायक वही है कोई दूसरा नहीं।
उसका जाति धर्म ईमान और जान है वर्दी ही उसकी संपूर्ण पहचान है। उसका जाति धर्म ईमान और जान है वर्दी ही उसकी संपूर्ण पहचान है।
हर ख्वाहिश तेरी पूरी हो एसा प्यार भरा ज़ज्बात एक मीठा अह्सास है दोस्ती। हर ख्वाहिश तेरी पूरी हो एसा प्यार भरा ज़ज्बात एक मीठा अह्सास है दोस्ती।
क्या वह जानता है कि वह मुझे पहले दिन की तरह प्रिय है ? क्या वह जानता है कि वह मुझे पहले दिन की तरह प्रिय है ?