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Anil Kulkarni

Abstract

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Anil Kulkarni

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मेरा दिल वापस कर दो...

मेरा दिल वापस कर दो...

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उसमें बसी यादों से

जीवन संवार लूंगा

उसकी महक से

जीवन जी लूंगा


दिल की यादें भी

पूरी होती है

जीने के लिए

तू नहीं तो दिल ही सही


आखिर दिल ही तो है

जीने के लिए काफी।


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