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Gopal Agrawal

Abstract

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Gopal Agrawal

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भय को दूर भगाया,

भय को दूर भगाया,

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लाॅकडाउन खुलने वाला है,

जैसे ही इसका पता चला,

मतलब

एक बार फिर घर के बाहर


निकलने का मौका मिला

सबने अपने अपनो से मिलने की योजना बनाई,

आनन फानन में व्यवस्था जमाई,

बच्चे भी जिद करते हुए मचलने लगे,


दादा दादी से मिलने की बात करने लगे,

उधर श्रीमति जी ने कहा हमें भी मायके जाना है,

हमने फिर बनाया हमेशा की तरह एक बहाना है,

दादा दादी मिल, हम पहुंचे नाना नानी के घर,


कब कट गया पता ही नहीं चला यह सफर,

सबसे मिलने पर जो जीवन का आंनद आया,

मन में घुसे महामारी के भय को पल में दूर भगाया। 


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