STORYMIRROR

manasvi poyamkar

Romance

5.0  

manasvi poyamkar

Romance

मेरे दर्द के नगमें

मेरे दर्द के नगमें

1 min
2.4K


कुछ दर्द के नगमें हैं

कोई पराए कोई अपने हैं

जिंदगी की हसीं कशमकश में

हँस के खाई हुई ज़ख्में हैं

कुछ रोती है दास्तानों में

ग़मों की परछाई है

तन्हा बैठे किये, गीतों में

खुशी की आस लगाई है !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance