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Anil Jaswal

Classics

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Anil Jaswal

Classics

मेरा पसंदीदा भोजन।

मेरा पसंदीदा भोजन।

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जब भी रविवार आता,

सारा परिवार इकट्ठा होता,

मेरी मां,

सबका पसंदीदा भोजन बनाती,,

राजमां चावल।


ऐसा लजीज होता,

जो भी खाता,

उंगलियां चाटता रह जाता,

उसका नशा,

सारा सप्ताह रहता,

हर कोई पुरा सप्ताह,

रविवार का इंतजार करता,

आए और मां मेरी,

वहीं लजीज खाना परोसे।


ये जो हमारा,

रविवार का खाना,

सारे महुल्ले में मशहूर,

हर किसी की इच्छा,

हम भी स्वाद चखें।


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