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Shivanand Chaubey

Abstract

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Shivanand Chaubey

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मेरा भारत

मेरा भारत

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मेरा भारत कोई देश नहीं

यह मन मंदिर में बसता है ,

केवल कोई भू भाग नहीं

जन जन के उर में सजता है।

जिसकी गौरवशाली गाथा

इतिहास स्वयं बतलाता है,

सत्य अहिंसा और करुणा

सन्मार्ग राह दिखलाता है।

वीरो ज्ञानी की भूमि जो

संस्कृति जहां सभ्यता पली,

मेरा भारत वो भारत हैं

राम कृष्ण की तपस्थली ।।


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