मेहमां बनकर आया ना करो
मेहमां बनकर आया ना करो
दिल में मेहमां बन कर आया ना करो,
रोज रातों को ख्वाबों में जगाया न करो।
दिल को दिल से यूं लगाया ना करो,
प्यार हो गया है ऐसा दिखाया ना करो।
तुम यूं बेखबर मुस्कुराया ना करो,
सितम हम पर यूं ढाया ना करो।
महफिल में तन्हा छोड़ जाया ना करो,
रूठ कर कहीं और ना जाया करो।
प्यार की मंजिल के रास्ते पर आकर,
तुम किसी और रहगुजर पर जाया ना करो।
कभी-कभी हमारी इक आवाज पर,
ओ जाने-जाना रुक भी जाया करो।

