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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

मौसम

मौसम

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मौसम आज बहुत ही सुहाना है

दिल गा रहा प्यार भरा गाना है,

चले आइये आप पास हमारे

ये दिल हो रहा पागल दीवाना है,

जब जब भी ठंडी हवा चली है

दिल मे हलचल हुई जानेजाना है,

मौसम आज बहुत ही सुहाना है।


फ़िज़ा भी अब खिलने लगी है

पतझड़ भी हुआ अब मस्ताना है

जन्नत का आज बन गया समां है,

मगर तेरे बग़ैर ये मौसम बेगाना है

जिस पल भी तू मेरे पास है,साखी

वो पल ही कोहिनूर का दाना है

बाकी को मैंने कब जिंदगी माना है

ये मौसम साखी तुझसे ही सुहाना है।



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