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Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Others

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Amit Singhal "Aseemit"

Drama Tragedy Others

मौसम ए जुदाई

मौसम ए जुदाई

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मौसम ए जुदाई फिर आया।

अंखियों में आँसू है ले आया।


क्यों हर लम्हा तू याद आया।

तूने हर पल मुझे क्यूं सताया।


तेरे न होने का ख़्याल है आया।

फिर तन्हा होने का अहसास आया।


मेले में भी ख़ुद को तन्हा पाया।

बार बार यह दिन क्यूं है आया।


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