STORYMIRROR

Arunima Bahadur

Abstract

4  

Arunima Bahadur

Abstract

मौन की सुंदरता

मौन की सुंदरता

1 min
202

सोचती हूँ कि क्या लिखूं?

वाणी हैं मौन ,शब्द हैं मौन,

फिर भाव व्यक्त करे कौन?

इस मौन की सुंदरता ने,

कर दिया है मुझे भी मौन,

तब ही सोचती हूँ कि क्या लिखूं?

पर भावो का उमड़ता संसार हैं,

मन मे उमड़ता एक प्यार है,

उस कण कण से,उस जन जन से,

जहा दिखती है बस तेरी ही प्रतिमा,

तभी सोचती हूँ कि क्या लिखूं,

तेरी अनंतता के सम्मुख शब्द मौन हैं

वाणी मौन हैं, बस नतमस्तक हूँ मैं,

बस नतमस्तक हूँ मैं।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract