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Habib Manzer

Romance

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Habib Manzer

Romance

मैंने चाहा तुझे पागलों की तरह

मैंने चाहा तुझे पागलों की तरह

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मैने चाहा तुझे पागलों की तरह

इश्क़ मैने किया पागलों की तरह


अब है मक्सद तेरा प्यार पाना मुझे

हर दुआ मांगा मै पागलों की तरह


एक मोहब्बत की ख़्वाहिश मुझे आज है

दिल में हसरत सनम पागलों की तरह


तेरी चाहत ने मुझको दिवाना किया

मै निभाया कसम पागलों की तरह


साथ देना मेरा अब कसम है तुझे

तुम भी चाहो कभी पागलों की तरह


तेरे रूख़सार पर कैसा मुस्कान था

मुस्कुराओ सनम पागलों की तरह


हर हकीकत मोहब्बत मै समझा नहीं

दिल निभाया वफ़ा पागलों की तरह


दिल भी मंज़र बिछड़कर कहा अब गया

याद करता रहा पागलों की तरह


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