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PRATAP CHAUHAN

Romance

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PRATAP CHAUHAN

Romance

मैं तो गाने का दीवाना

मैं तो गाने का दीवाना

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जो चाहतों का चैन चुरा के, बना दे दीवाना।

आशिकी का रंग देकर, गाओ यारों गाना।।

यह कैसा है परवाना, दिल गाना का दीवाना।

मैं तो गाने का दीवाना...मैं तो गाने का दीवाना।।


जिंदगी की राहों में, गुलिस्तां खिला दे।

काली घटा सी, महफिल में छा दे।।

गा दो ऐसा कोई गाना, मैं बन जाऊं एक दीवाना।

मैं हूं गाने का दीवाना...मैं तो गाने का दीवाना।।


गुनगुनाते हैं भंवरे, सारे जहां में।

मस्त हो के फिरते हैं, दिलकश समा में।।

मैं भी भंवरा जैसा गाऊं, कोई एक तराना।

मैं हूं गाने का दीवाना...मैं तो गाने का दीवाना।।


कभी हम मिलेंगे किसी इंतहा में,

शिकवा न करना अपनी रजा में।

पत्तों के जैसा मेरा उड़ता ठिकाना,

मैं हूं गाने का दीवाना...मैं तो गाने का दीवाना।।



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