STORYMIRROR

Gangotri Priyadarshini

Abstract Fantasy Inspirational

3  

Gangotri Priyadarshini

Abstract Fantasy Inspirational

मैं रौशनी हूं

मैं रौशनी हूं

1 min
260


मैं रौशनी हूं.....

उजियारा कर दूं हर इक कोना 

क्रोध मोह कि घनी अंधियारी

सच हो जाए सबका हर एक सपना।


मैं रौशनी हूं.....

हर दिल में भर दूं

स्नेह प्रेम की ज्वार

गम कि हर परछाई मिटा दूं

दो टूक बात जो मन में भर दे प्यार अपार।


मैं रौशनी हूं.....

बचपन कि बनके किलकारी

मानव सभ्यता का प्रेरणा स्रोत हूं

उपवन में सोहे जैसे फूलों की अनुपम क्यारी।


मैं रौशनी हूं.....

मातृभूमि कि सेवा में

गर हो जाए मेरा जीवन न्योछावर

ख़ुशी ख़ुशी मिट जाऊं यारों मान के तकदीर।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract