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Varsha Divakar

Drama

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Varsha Divakar

Drama

मैं कहती नहीं......

मैं कहती नहीं......

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मैं बोलती नहीं.…... लिखती हूं 😊
कोरे कागज पर अपनी आप बीती लिखती हूं 🙃
बन जाऊँ न मैं सब सा..….....
इसलिए खामोश रह जाती हूं 
जुबाँ से सबके तानें बयाँ करना छोड़.....
कोरे कागज से मन का दर्द बयां  करती हूं 
मैं बोलती नहीं.....लिखती हूं........
सबकी बातें...... मैं कोरे कागज पर लिखती हूं 🙃 

तुम भूल जाते हो  हजारों  बुराइयाँ मेरी गिन कर...
मै याद रखती हूं...... तुम सबकी हर एक बातें 
मै कोरे कागज पर लिखती हूं 😊 
आना कभी मिलवाऊंगी उस पल से 
जिसमें गिने थे मेरी हजारों बुराइयाँ.....
तुम सब आना कभी मिलवाऊंगी उस हसीं लम्हों से 
जिसमें मेरे कब्र तक का जिक्र सब करते थे......

जिंदा हूं अभी..... मै कहीं खोई नहीं हूं...….
पर मुझे ओझल करने की दुवाएं  सब बरसों से कर रहे हैं 🥰 खुशनसीबी  समझूँ या समझूँ बदकिस्मती अपनी 
सबकी दुवाओं में हूं शामिल मैं.....
बस फर्क इतना....... सबको मेरी बर्बादी देखनी है 😊

ढूंढने बैठूं जमाने में कोई खुद के करीब .....
बस मेरे अलावा कोई करीब नहीं है ..….
मैं खुद को भूल जाती हूं जब बात किसी की जान की आती है……... पर हैं ऐसा क्यों...... जब बात मेरी आती है तब खुद के अलावा कोई और सामने नहीं आता है 🙃

माना..…..हूं मैं काँटो सा ....…..
जब आए बात खुद को बचाने का...... 
मुझे हर मुश्किल में सामने ला देते हो 
पर जब होय तुमपे फुलो की वर्षा.....
तब काँटे समझ मुझे कही दूर फेंक देते हो 😀

मैं भूलती नहीं सब याद रखती हूं 🙃 
बस जुबां में नहीं दिल पर हर बात समेटे  रखती हूं 🙃
मैं बोलती नहीं…… लिखती हूं 
कोरे कागज पर अपनी हर एक बात लिखती हूं 😊 
तुम बोलना जरा जुबां सम्भाल के....
मैं तुम्हारी हर एक बात लिखती हूं 😊 

         ✍️ वर्षा रानी दिवाकर 🥰



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