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Varsha Divakar

Classics

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Varsha Divakar

Classics

चाहत

चाहत

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किसी से टाइम पास करने की चाह इतनी क्यों...??
किसी को धोख़ा देने की चाह इतनी क्यों...???
किसी के दिल दुखाने की चाह इतनी क्यों...???
मिल जाते है टाइम पास और भी कई तरीके
किसी की बेटे और बेटियों से खेलने की चाह इतनी क्यों?
कोई बड़े शिद्दत से चाह बैठे किसी को

टाइम पास वाले खेल को, दिल से ले बैठा कोई
पर किसी एक का दिल टूटना तो लाजमी था
कोई कर बैठे इश्क करने की गुस्ताखी
अपना दिल आधा लिए घूमता है
ये दिल का सौदा है बड़ा मुश्किल......
इसमे कहाँ किसी का भला होता.....????

     ✍️ वर्षा रानी दिवाकर 🥰🥰🥰🥰



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