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VanyA V@idehi

Classics

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VanyA V@idehi

Classics

क्यूँ ना खुद के लिए भी दुआ मांगें

क्यूँ ना खुद के लिए भी दुआ मांगें

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आज हम मिलकर इक दुआ मांगते हैं

जिंदगी जीने की आसानियाँ मांगते हैं


अपने लिये तो हर कोई मांगता रहा है

हो सके तो इस जगत का भला मांगते हैं


जो अपने लिए नहीं मांगा वो अब मांगते हैं 

सबके लिए सुकून और अमन का मांगते हैं


हर चेहरे पे खिली रहे मुस्कराहट मांगते हैं

अपने ईश्वर से जब चाहे तब दुआ मांगते हैं।


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