STORYMIRROR

VanyA V@idehi

Classics

4  

VanyA V@idehi

Classics

क्यूँ ना खुद के लिए भी दुआ मांगें

क्यूँ ना खुद के लिए भी दुआ मांगें

1 min
19

आज हम मिलकर इक दुआ मांगते हैं

जिंदगी जीने की आसानियाँ मांगते हैं


अपने लिये तो हर कोई मांगता रहा है

हो सके तो इस जगत का भला मांगते हैं


जो अपने लिए नहीं मांगा वो अब मांगते हैं 

सबके लिए सुकून और अमन का मांगते हैं


हर चेहरे पे खिली रहे मुस्कराहट मांगते हैं

अपने ईश्वर से जब चाहे तब दुआ मांगते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics