STORYMIRROR

Krishna Bansal

Abstract Classics Inspirational

4  

Krishna Bansal

Abstract Classics Inspirational

सुनामी

सुनामी

1 min
614

मैंने अनजाने में

पानी से भरी बाल्टी बहा दी

बाद में देखा

पानी के साथ सैंकड़ो नहीं 

हजारों चीटियां बह गई


जो बही नहीं

वह इधर उधर भाग कर 

जान बचाने का 

प्रयत्न कर रहीं थीं

व्यर्थ ही।


इस दृश्य ने मुझे अन्तर्मन

तक झकझोर दिया।

सोचने पर मजबूर हुई,

हमारे लिए सुनामी है

समुद्री तूफान

जो लाता है हमारे लिए 

मौत का पैगाम।


बेचारी चीटियों के लिए

पानी की एक बाल्टी ही 

काफी है 

सुनामी बनने के लिए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract