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Bikramjit Sen

Abstract Drama

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Bikramjit Sen

Abstract Drama

अलख निरंजन

अलख निरंजन

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अलख निरंजन

प्रभु दुःख भंजन

मेरे प्रभु तुम्हें

मेरा प्रणाम

 

सद्गुरु तुम्ही

तुम ही हो जीवन

तुमसे है 

मेरा उद्गम 

महान

 

अलख निरंजन

प्रभु दुःख भंजन

मेरे प्रभु तुम्हें

मेरा प्रणाम

 

 

श्रिष्टि तुमहि 

तुम्ही जगत हो

जगतपिता तुम्हें

मेरा प्रणाम


अलख निरंजन

प्रभु दुःख भंजन

मेरे प्रभु तुम्हें

मेरा प्रणाम। 


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