STORYMIRROR

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

4  

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

मैं खिलूं सांवरिया

मैं खिलूं सांवरिया

2 mins
5

जब देखूं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया,

जब सोचूं रंग रसिया, मैं खिलूं सांवरिया,,


इस गुलाब की तरह, 

मैं महकू श्याम पिया,

जब से प्रेम तुमसे हुआ 

मैं भूलीं सब गलिया,

जब सोचूं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया।


खुशियों की सौगात हैं, 

ऐसा सुख तेरे साथ हैं,

दुनिया दारी भूल गए,

कृष्ण मुरारी याद हुएं,

जब देखूं रंग रसिया, मैं खिलूं सांवरिया,,


प्रेम का बंधन मैं मानूं, 

मैं तो दिल का रिश्ता जानूं,

मुझको ना भावे घृणा की बातें,

बस प्रेम के रूप समझ में आते 

मन चाहें मन बसिया, दिल चाहें सांवरिया।


जब देखूं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया,

जब सोचूं रंग रसिया, मैं खिलूं सांवरिया,,


मेरे मन की आशा तुम्हीं हों, 

हर सुख की अभिलाषा तुम्हीं हों,

हर कोई तुमको पाना चाहें,

भेंट बड़ी कर तुम्हें रिझाएं, 

जब ध्याऊं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया।


प्रेम संगम ये जीवन चाहें,

मधुर मिलन मन का हों जाएं,

तुमसे हीं ये दुनिया दारी, 

तुमसे हीं ये नगरी सारी,

जब पाऊं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया।


तुम्हारे रंग में मैं रंगी हूं,

अब मैं श्याम प्रेमी हुईं हैं, 

कोई नहीं हैं अब हमें प्यारा,

संसार से कर दिया किनारा,

दिल चाहें रंग रसिया, मन चाहे सांवरिया।


जब देखूं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया,

जब सोचूं रंग रसिया, मैं खिलूं सांवरिया,,


मोहन को चाहकर तो देखो,

श्याम से दिल तुम लगाकर तो देखो, 

पल भर में जीवन बदल जाएंगा,

पल भर में हरि मन बस जाएंगा,

जब गाऊं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया।


मिलेंगी तुम्हें एक भक्ति वो प्यारी,

जो हैं जगत के सुख से भी न्यारी,

राधा माधव केशव मिलेंगे, 

तुमको तुम्हारे गोविन्द मिलेंगे 

जब लिखूं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया।


सबसे सुन्दर हैं वो प्यारा, 

वो हैं श्याम सांवरिया हमारा,

दर्शन देकर धन्य कर दो,

प्रभु तुम हमको प्रेम वर दो,

दर्शन दो मेरे पिया, हर धड़कन सांवरिया।


जब देखूं तुमको पिया, मैं खिलूं सांवरिया,

जब सोचूं रंग रसिया, मैं खिलूं सांवरिया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract