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Amar Singh

Abstract

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Amar Singh

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चेहरा तुम्हारा

चेहरा तुम्हारा

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तुम्हारे चेहरे पर गुरुर नजर आता है।

मुझे तो हर तरफ इश्क़ नजर आता है।

हम तो काँटों पर भी सो जाते है चैन से

तुम्हें तो मखमल भी रात भर जगाता है।


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