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Amar Singh

Tragedy

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Amar Singh

Tragedy

जीवन का सच

जीवन का सच

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जब हम झूठ के साथ थे।

सभी अपने थे, सभी खास थे।

जैसे ही थमा सच का हाथ,

गैर तो गैर ठहरे ,मेरे अपने भी न साथ थे।



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